
बेंगलुरु, 27 अप्रैल:
नारायण सेवा संस्थान द्वारा बसवंगुड़ी स्थित मराठा हॉस्टल परिसर में आयोजित विशेष शिविर में 694 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलीपर प्रदान किए गए। इस अवसर पर संसद की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता समिति के अध्यक्ष एवं बेंगलुरु मध्य के सांसद श्री पी.सी. मोहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्री मोहन ने कहा कि केंद्र सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने नारायण सेवा संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “संस्थान दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मैं इस पुनीत प्रयास में हरसंभव सहयोग प्रदान करूंगा।”

शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में समाजसेवी श्री महेंद्र मुनोत, प्रजा प्रभुत्व सेना के श्री कुँवर राकेश देसरला, रेलवे बोर्ड के सलाहकार सदस्य श्री अश्विन सेमलानी, श्री मूलसिंह राजपुरोहित, श्री रमेश माली, श्री सुनील वैष्णव, श्री राकेश वैष्णव, संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल, निदेशक श्रीमती वंदना अग्रवाल, स्थानीय शाखा अध्यक्ष श्री विनोद जैन एवं श्रीमती पलक अग्रवाल सहित कई गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
समाजसेवी श्री महेंद्र मुनोत ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान न केवल दिव्यांगजनों को सशक्त बना रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान भी जागृत कर रहा है।
प्रजा प्रभुत्व सेना के श्री राकेश देसरला ने संस्थान के संस्थापक श्री कैलाश ‘मानव’ और अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए दिव्यांग लाभार्थियों को नए जीवन की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।
शिविर में अतिथियों ने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी जीवन यात्रा को सुना तथा डॉक्टरों द्वारा कृत्रिम अंगों के फिटमेंट की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
लाभार्थियों को कृत्रिम अंगों के रखरखाव तथा सुचारू उपयोग हेतु प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। शिविर के दौरान लाभार्थियों ने अपने नए कृत्रिम अंगों के साथ परेड की तथा खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।

अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल ने बेंगलुरु के 13 प्रमुख दानदाताओं को “सेवा सम्मान” प्रदान किया। सम्मानित दानदाताओं में जनरल मोटर्स, भैरूमल भंडारी, डॉ. सुधीर लोढ़ा, उदय सिंह टाटेर, अशोक राका, नितिन भट्ट तथा लॉयंस क्लब बी प्रमुख रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में नारायण सेवा संस्थान के बेंगलुरु शाखा प्रमुख श्री विनोद जैन ने मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की सेवा यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
श्री प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांगजनों तक सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से 2 फरवरी को प्रारंभिक पंजीकरण शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें 1,050 से अधिक रोगियों ने भाग लिया। उनमें से चयनित 694 लाभार्थियों को आज कृत्रिम अंग एवं कैलीपर प्रदान कर एक नया जीवन प्रदान किया गया।
यह बेंगलुरु में संस्थान द्वारा आयोजित तीसरा बड़ा शिविर है, जिसमें जर्मन तकनीक आधारित “नारायण लिम्ब” के माध्यम से दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान की गई। इस शिविर में लगभग 80 सदस्यों की टीम ने सेवा प्रदान की।
समारोह के समापन पर संस्थान की निदेशक श्रीमती वंदना अग्रवाल ने सभी अतिथियों, दानदाताओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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